"डोंगरी टू दुबई" सिर्फ एक किताब नहीं, बल्कि एक आईना है जो हमें दिखाता है कि कैसे अवसर की कमी और सत्ता की भूख इंसान को डोंगरी जैसी झुग्गी से उठाकर दुबई के महलों में ले जा सकती है, और फिर वहीं से उसका पतन भी शुरू हो जाता है।
यदि आप इसका हिंदी संस्करण ढूंढ रहे हैं, तो आप सही जगह पर आए हैं। इस लेख में हम जानेंगे कि क्यों सर्च किया जा रहा है, इस पुस्तक की खासियतें क्या हैं, और इसे पढ़ने से पहले आपको क्या जानना चाहिए। 1. पुस्तक का परिचय (Book Introduction) dongri to dubai hindi version pdf updated
यह पुस्तक हाजी मस्तान, करीम लाला, दाऊद इब्राहिम, छोटा शकील और अबू सलेम जैसे नामों की उत्पत्ति की कहानी बताती है। शुरुआत डोंगरी (दक्षिण मुंबई का एक पुराना इलाका) से होती है, जहां गरीबी और मजबूरी ने लोगों को अपराध की राह पर धकेला। (Is it completely true
हुसैन जैदी ने दावा किया है कि उन्होंने पुलिस रिकॉर्ड्स, कोर्ट के दस्तावेज और गैंगस्टरों के करीबी लोगों से बात कर इस किताब को लिखा है। हालांकि, कुछ लोग (जैसे दाऊद के परिवार) ने इसे "अफवाहों से भरा" बताया है, लेकिन यह पुस्तक अंडरवर्ल्ड पर लिखी गई सबसे विश्वसनीय कृतियों में से एक मानी जाती है। (Is it completely true?)
इस पुस्तक के हिंदी वर्जन में आपको मुख्य रूप से ये प्रकरण पढ़ने को मिलेंगे:
हिंदी भाषी पाठकों के लिए यह बहुत जरूरी है कि वह इसका पढ़ें, ताकि उन्हें पता चले कि आज डी-कंपनी कहां है, एनकाउंटर स्क्वॉड कैसे काम करता है, और मुंबई पुलिस ने किस तरह संगठित अपराध की कमर तोड़ी।
| अध्याय (Chapter) | कहानी (Story) | | :--- | :--- | | | हाजी मस्तान की शुरुआत, स्मगलिंग का जन्म | | दाऊद का उदय | कैसे एक साधारण युवक डी-कंपनी का मालिक बना | | 1993 ब्लास्ट | मुंबई को हिला देने वाला धमाका और उसके बाद का पलायन | | दुबई प्रवास | रमजान शेख, छोटा शकील और कराची-दुबई एक्सिस | | एनकाउंटर स्पेशलिस्ट | दयानंद नायक और प्रदीप शर्मा (पुलिस की कार्रवाई) | | बॉलीवुड कनेक्शन | फिल्मी हस्तियों से लेकर एक्सटॉर्शन कॉल्स तक | 5. क्या किताब पूरी तरह से सच्ची है? (Is it completely true?)